Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.48.21-22h: सम्पूर्ण रणभूमि कानों के पर्दों को फाड़ देने वाली नगाड़ों की ध्वनि से गूँज रही थी। इसलिए मैं वहाँ पराक्रम दिखाने वाले किसी भी योद्धा को सुन नहीं सका। यहाँ तक कि जो लोग एक-दूसरे को अपने नाम, गोत्र आदि से परिचय दे रहे थे, उन्हें भी मैं सुन नहीं सका॥ 21/2॥ | mahabharat अध्याय 6.48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सम्पूर्ण रणभूमि कानों के पर्दों को फाड़ देने वाली नगाड़ों की ध्वनि से गूँज रही थी। इसलिए मैं वहाँ पराक्रम दिखाने वाले किसी भी योद्धा को सुन नहीं सका। यहाँ तक कि जो लोग एक-दूसरे को अपने नाम, गोत्र आदि से परिचय दे रहे थे, उन्हें भी मैं सुन नहीं सका॥ 21/2॥
The entire battlefield reverberated with the sound of drums that would tear apart the eardrums. Therefore, I could not hear any warrior who was displaying his prowess there. I could not even hear the people who introduced themselves to each other by their names, clans, etc.॥ 21/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥