Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.48.20: महाराज! केवल धनुष की टंकार और सेना का शोर सुनकर ही कुछ लोग समझ सकते थे कि कोई बाणों से युद्ध कर रहा है। यहाँ तक कि योद्धाओं की एक-दूसरे के विरुद्ध की गई वीर गर्जना भी उस समय स्पष्ट सुनाई नहीं दे रही थी। | mahabharat अध्याय 6.48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! केवल धनुष की टंकार और सेना का शोर सुनकर ही कुछ लोग समझ सकते थे कि कोई बाणों से युद्ध कर रहा है। यहाँ तक कि योद्धाओं की एक-दूसरे के विरुद्ध की गई वीर गर्जना भी उस समय स्पष्ट सुनाई नहीं दे रही थी।
King! Only by hearing the twang of the bow and the noise of the army could some people understand that someone was fighting with arrows. Even the heroic roars that the warriors made against each other could not be heard clearly at that time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥