Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.48.12-13h: महाराज! वे पराक्रमी घोड़े उस रथ को खींचते हुए इधर-उधर घूम रहे थे। कमर में तलवारें और पीठ पर तरकश बाँधे सैकड़ों घायल योद्धा, सिर कट जाने के कारण भूमि पर गिरकर वीर शय्याओं पर लेटे हुए थे। | mahabharat अध्याय 6.48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! वे पराक्रमी घोड़े उस रथ को खींचते हुए इधर-उधर घूम रहे थे। कमर में तलवारें और पीठ पर तरकश बाँधे सैकड़ों घायल योद्धा, सिर कट जाने के कारण भूमि पर गिरकर वीर शय्याओं पर लेटे हुए थे।
King! Those mighty horses were moving here and there pulling that chariot. Hundreds of wounded warriors, with swords around their waists and quivers on their backs, were lying on heroic beds after falling on the ground due to their heads being cut off.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥