vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध
»
श्लोक 108-109h
श्लोक
6.48.108-109h
अभिमन्युं च समरे पिता देवव्रतस्तव॥ १०८॥
आजघ्ने भरतश्रेष्ठस्त्रिभि: संनतपर्वभि:।
अनुवाद
उस रणभूमि में भरतश्रेष्ठ आपके पिता भीष्म ने झुके हुए धनुष से तीन बाणों द्वारा अभिमन्यु को घायल कर दिया ॥108 1/2॥
In that battlefield, your father Bhishma, the best of Bharat, hurt Abhimanyu with three arrows with a bent bow. 108 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×