श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध  »  श्लोक 106-107h
 
 
श्लोक  6.48.106-107h 
पिता ते भरतश्रेष्ठ श्वेतं दृष्ट्वा महारथै:।
वृतं तं मनुजव्याघ्रैर्भीमसेनपुरोगमै:॥ १०६॥
अभ्यवर्तत गाङ्गेय: श्वेतं सेनापतिं द्रुतम्।
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! आपके पिता गंगानन्दन भीष्म ने सेनापति श्वेत को भीमसेन आदि महारथियों से घिरा हुआ देखकर तुरन्त ही उस पर आक्रमण कर दिया।।106 1/2॥
 
Bharatshrestha! Your father Ganganandan Bhishma, seeing the commander Shweta surrounded by great warriors like Bhimsen and others, immediately attacked him. 106 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)