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mahabharat 6.48.1-2h: धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! जब महाधनुर्धर श्वेतक शल्य के रथ के पास पहुँचा, तब कौरवों और पांडवों ने क्या किया? अथवा शान्तनुपुत्र भीष्म ने क्या प्रयत्न किया? ये सब बातें मेरे द्वारा पूछी गई बातों के अनुसार मुझे बताओ।   |   mahabharat अध्याय 6.48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 48: श्वेतका महाभयंकर पराक्रम और भीष्मके द्वारा उसका वध  »  श्लोक 1-2h
 
 
श्लोक  6.48.1-2h 
धृतराष्ट्र उवाच
एवं श्वेते महेष्वासे प्राप्ते शल्यरथं प्रति।
कुरव: पाण्डवेयाश्च किमकुर्वत संजय॥ १॥
भीष्म: शान्तनव: किं वा तन्ममाचक्ष्व पृच्छत:।
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! जब महाधनुर्धर श्वेतक शल्य के रथ के पास पहुँचा, तब कौरवों और पांडवों ने क्या किया? अथवा शान्तनुपुत्र भीष्म ने क्या प्रयत्न किया? ये सब बातें मेरे द्वारा पूछी गई बातों के अनुसार मुझे बताओ।
 
Dhritarashtra asked - Sanjay! What did the Kauravas and the Pandavas do when the great archer Shwetaka reached near Shalya's chariot? Or what effort did Shantanu's son Bhishma make? Tell me all these things as I have asked. 1 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)