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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  6.47.60 
तं विसंज्ञं विमनसं त्वरमाणस्तु सारथि:।
अपोवाह न सम्भ्रान्त: सर्वलोकस्य पश्यत:॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
उसे अचेत और व्याकुल देखकर सारथी ने अपना आपा नहीं खोया और सबके सामने ही उसे शीघ्रता से युद्धभूमि से दूर ले गया।
 
Seeing him unconscious and distraught, the charioteer, without losing his temper, hurriedly took him away from the battlefield in front of everybody.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)