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mahabharat 6.47.48-49: राजन! उन रथियों के नाम हैं- कोसल राजा बृहद्बल, मगध मूल निवासी जयत्सेन, शल्य के प्रतापी पुत्र रुक्मरथ, अवंती के राजकुमार विन्द और अनुविन्द, कम्बोज राजा सुदक्षिण और बृहत्क्षत्र के पुत्र सिन्धुराज जयद्रथ। 48-49॥   |   mahabharat अध्याय 6.47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम  »  श्लोक 48-49
 
 
श्लोक  6.47.48-49 
बृहद्‍बलश्च कौसल्यो जयत्सेनश्च मागध:।
तथा रुक्मरथो राजन् शल्यपुत्र: प्रतापवान्॥ ४८॥
विन्दानुविन्दावावन्त्यौ काम्बोजश्च सुदक्षिण:।
बृहत्क्षत्रस्य दायाद: सैन्धवश्च जयद्रथ:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
राजन! उन रथियों के नाम हैं- कोसल राजा बृहद्बल, मगध मूल निवासी जयत्सेन, शल्य के प्रतापी पुत्र रुक्मरथ, अवंती के राजकुमार विन्द और अनुविन्द, कम्बोज राजा सुदक्षिण और बृहत्क्षत्र के पुत्र सिन्धुराज जयद्रथ। 48-49॥
 
Rajan! The names of those charioteers are - Kosala king Brihadbal, Magadha native Jayatsen, Shalya's glorious son Rukmaratha, Avanti's princes Vind and Anuvind, Kamboja king Sudakshin and Sindhuraj Jayadratha, son of Brihatkshatra. 48-49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)