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mahabharat 6.47.45-46h: चारों ओर से रथियों की विशाल सेना से घिरे हुए उन्होंने बाणों की वर्षा करते हुए शल्य के रथ पर आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 6.47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.47.45-46h 
महता रथवंशेन समन्तात् परिवारित:॥ ४५॥
मुञ्चन् बाणमयं वर्षं प्रायाच्छल्यरथं प्रति।
 
 
अनुवाद
चारों ओर से रथियों की विशाल सेना से घिरे हुए उन्होंने बाणों की वर्षा करते हुए शल्य के रथ पर आक्रमण किया।
 
Surrounded on all sides by a huge army of chariots, he attacked Shalya's chariot, showering arrows. 45 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)