Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.47.41: सैकड़ों बाणों ने उसके प्राणों को छेद डाला और उसकी सूँड़ भी कट गई, जिससे हाथीराज भयंकर चीत्कार करता हुआ भूमि पर गिर पड़ा और मर गया॥ 41॥ | mahabharat अध्याय 6.47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भिन्नमर्मा शरशतैश्छिन्नहस्त: स वारण:।
भीममार्तस्वरं कृत्वा पपात च ममार च॥ ४१॥
अनुवाद
सैकड़ों बाणों ने उसके प्राणों को छेद डाला और उसकी सूँड़ भी कट गई, जिससे हाथीराज भयंकर चीत्कार करता हुआ भूमि पर गिर पड़ा और मर गया॥ 41॥
Hundreds of arrows pierced his vital organs and his trunk was also cut off. Due to this, the elephant king fell on the ground uttering a terrible cry and died.॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥