Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.47.39: उस शक्ति ने उसके कवच को चीर डाला। उस प्रहार से वह पूरी तरह भयभीत हो गया। उसके हाथ से अंकुश और तलवार गिर पड़े और वह भी अचेत होकर हाथी की पीठ से ज़मीन पर गिर पड़ा। | mahabharat अध्याय 6.47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तया भिन्नतनुत्राण: प्रविश्य विपुलं तम:।
स पपात गजस्कन्धात् प्रमुक्ताङ्कुशतोमर:॥ ३९॥
अनुवाद
उस शक्ति ने उसके कवच को चीर डाला। उस प्रहार से वह पूरी तरह भयभीत हो गया। उसके हाथ से अंकुश और तलवार गिर पड़े और वह भी अचेत होकर हाथी की पीठ से ज़मीन पर गिर पड़ा।
That Shakti cut through his armour. Due to that blow he was completely terrified. The goad and the sword fell from his hands and he also became unconscious and fell from the back of the elephant to the ground.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥