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mahabharat 6.47.36: वह हाथी बड़े वेग से शल्य के रथ की ओर दौड़ा, किन्तु शल्य ने अपने बाणों से उसके अप्रतिम वेग को रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.47.36 
तस्य वारणराजस्य जवेनापततो रथे।
शल्यो निवारयामास वेगमप्रतिमं शरै:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
वह हाथी बड़े वेग से शल्य के रथ की ओर दौड़ा, किन्तु शल्य ने अपने बाणों से उसके अप्रतिम वेग को रोक दिया।
 
That elephant rushed towards Shalya's chariot with great speed. At that time Shalya stopped its unmatched speed with his arrows. 36.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)