श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.47.33 
जाम्बूनदमय: श्रीमान् केसरी स नरोत्तम।
पपात भीमसेनस्य भीष्मेण मथितो रथात्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
नरश्रेष्ठ! भीमसेन का वह सुन्दर स्वर्णमय ध्वज सिंह के चिन्ह वाला था। भीष्म द्वारा कट जाने पर वह रथ से नीचे गिर पड़ा॥33॥
 
Narashrestha! That beautiful golden flag of Bhimsen had the symbol of a lion. He fell down from the chariot after being cut by Bhishma. 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)