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mahabharat 6.47.31: युद्धभूमि में बड़े वेग से आक्रमण करने वाले दस महारथियों में से भीष्म ने धृष्टद्युम्न को तीन बाणों से तथा सात्यकि को नौ बाणों से गहरी चोट पहुंचाई।   |   mahabharat अध्याय 6.47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.47.31 
तेषां जवेनापततां भीष्म: शान्तनवो रणे।
पाञ्चाल्यं त्रिभिरानर्च्छत् सात्यकिं नवभि: शरै:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि में बड़े वेग से आक्रमण करने वाले दस महारथियों में से भीष्म ने धृष्टद्युम्न को तीन बाणों से तथा सात्यकि को नौ बाणों से गहरी चोट पहुंचाई।
 
Of those ten mighty warriors who attacked the battlefield with great force, Bhishma inflicted deep wounds on Dhrishtadyumna with three arrows and on Satyaki with nine arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)