श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.47.3 
एतैरतिरथैर्गुप्त: पञ्चभिर्भरतर्षभ:।
पाण्डवानामनीकानि विजगाहे महारथ:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
इन पांच महारथियों से सुरक्षित होकर भरत के आभूषण महारथी भीष्म पाण्डवों की सेना में प्रवेश कर गये।
 
Protected by these five great warriors, Bharata's ornament, great warrior Bhishma entered the Pandava's army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)