Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.47.29-30: राजन! तब विराट अपने पुत्र द्रुपदकुमार धृष्टद्युम्न, भीमसेन, पाँचों भाई केकयराजकुमार और सात्यकि - ये पाण्डव पक्ष के दस महाधनुर्धर वीरों सहित रथों पर सवार होकर अभिमन्यु की रक्षा के लिए तुरन्त वहाँ दौड़े॥29-30॥ | mahabharat अध्याय 6.47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! तब विराट अपने पुत्र द्रुपदकुमार धृष्टद्युम्न, भीमसेन, पाँचों भाई केकयराजकुमार और सात्यकि - ये पाण्डव पक्ष के दस महाधनुर्धर वीरों सहित रथों पर सवार होकर अभिमन्यु की रक्षा के लिए तुरन्त वहाँ दौड़े॥29-30॥
Rajan! Then Virata along with his son, Drupadakumar Dhrishtadyumna, Bhimsen, the five brothers Kekayrajkumar and Satyaki - these ten great archers of the Pandava side, immediately ran there in chariots to protect Abhimanyu. 29-30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥