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श्लोक 6.47.27  |
अथ भीष्मो महास्त्राणि दिव्यानि सुबहूनि च।
प्रादुश्चक्रे महारौद्रे रणे तस्मिन् महाबल:॥ २७॥ |
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| अनुवाद |
| तत्पश्चात् उस अत्यन्त भयंकर युद्ध में महाबली भीष्म ने अनेक महान दिव्यास्त्र प्रकट किये। |
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| Then in that extremely fierce battle the mighty Bhishma manifested many great divine weapons. |
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