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mahabharat 6.47.23: तब भीष्म ने भी अपने बाणों से उस वीर योद्धा पर आक्रमण किया; किन्तु अभिमन्यु ने युद्धभूमि में भीष्म के धनुष से छूटे हुए सभी बाणों को काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.47.23 
पराक्रान्तस्य तस्यैव भीष्मोऽपि प्राहिणोच्छरान्।
स तांश्चिच्छेद समरे भीष्मचापच्युतान् शरान्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
तब भीष्म ने भी अपने बाणों से उस वीर योद्धा पर आक्रमण किया; किन्तु अभिमन्यु ने युद्धभूमि में भीष्म के धनुष से छूटे हुए सभी बाणों को काट डाला।
 
Then Bhishma also attacked that valiant warrior with his arrows; but Abhimanyu cut all the arrows shot from Bhishma's bow on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)