Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.47.22: हे राजन! उस समय अभिमन्यु की भुजाओं का अपार बल स्पष्ट दिखाई दे रहा था, जब वह युद्धस्थल में भीष्म को अपने बाणों से घायल करने का प्रयत्न कर रहा था ॥22॥   |   mahabharat अध्याय 6.47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.47.22 
तत्रास्य सुमहद् राजन् बाह्वोर्बलमदृश्यत।
यतमानस्य समरे भीष्ममर्दयत: शरै:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! उस समय अभिमन्यु की भुजाओं का अपार बल स्पष्ट दिखाई दे रहा था, जब वह युद्धस्थल में भीष्म को अपने बाणों से घायल करने का प्रयत्न कर रहा था ॥22॥
 
O King! At that time the immense strength of Abhimanyu's arms was clearly visible when he was trying to hurt Bhishma with his arrows on the battlefield. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)