Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.47.19: आर्य! इसी प्रकार कृतवर्मा, कृपाचार्य और शल्य भी बाणों से बींधकर भी मैनाक पर्वत के समान स्थिर रहने वाले अर्जुनपुत्र को विचलित नहीं कर सके। | mahabharat अध्याय 6.47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आर्य! इसी प्रकार कृतवर्मा, कृपाचार्य और शल्य भी बाणों से बींधकर भी मैनाक पर्वत के समान स्थिर रहने वाले अर्जुनपुत्र को विचलित नहीं कर सके।
Arya! Similarly, Kritavarma, Kripacharya and Shalya were not able to make Arjun's son tremble even after piercing him with arrows, who was as stable as the Mainak mountain.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥