Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.47.13-14h: उसने तीक्ष्ण भाले से कृपाचार्य का स्वर्ण-मंडित धनुष काट डाला। तत्पश्चात् महारथी अभिमन्यु ने नृत्य करते हुए समस्त दिशाओं में घूमते हुए, अत्यन्त क्रोध में भरकर, भीष्म की रक्षा करने वाले महारथियों को तीक्ष्ण बाणों से घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 6.47: भीष्मके साथ अभिमन्युका भयंकर युद्ध, शल्यके द्वारा उत्तरकुमारका वध और श्वेतका पराक्रम । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसने तीक्ष्ण भाले से कृपाचार्य का स्वर्ण-मंडित धनुष काट डाला। तत्पश्चात् महारथी अभिमन्यु ने नृत्य करते हुए समस्त दिशाओं में घूमते हुए, अत्यन्त क्रोध में भरकर, भीष्म की रक्षा करने वाले महारथियों को तीक्ष्ण बाणों से घायल कर दिया।
With a sharp spear he cut off the gold-adorned bow of Krupacharya. Then moving around in all directions as if dancing, the mighty warrior Abhimanyu, in a great rage, wounded with sharp arrows those mighty warriors who were protecting Bhishma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥