श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-पाण्डव-सेनाका घमासान युद्ध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.46.1 
संजय उवाच
राजन् शतसहस्राणि तत्र तत्र पदातिनाम्।
निर्मर्यादं प्रयुद्धानि तत् ते वक्ष्यामि भारत॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे भरतवंशी राजा! उस युद्धस्थल में लाखों सैनिक अप्रतिष्ठित भाव से युद्ध कर रहे थे। मैं वह सब तुमसे कहता हूँ, कृपया सुनो॥1॥
 
Sanjaya says - O King of the Bharat dynasty! In that battlefield, lakhs of soldiers were fighting in an undignified manner. I am telling you all about it, please listen.॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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