Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.45.82: महाराज! कुछ क्षणों तक तो वह युद्ध देखने में बड़ा सुन्दर प्रतीत हुआ; फिर उन्मत्तों के समान भयंकर युद्ध होने लगा। उस समय किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। | mahabharat अध्याय 6.45: उभय पक्षके सैनिकोंका द्वन्द्व-युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मुहूर्तमिव तद् युद्धमासीन्मधुरदर्शनम्।
तत उन्मत्तवद् राजन् न प्राज्ञायत किंचन॥ ८२॥
अनुवाद
महाराज! कुछ क्षणों तक तो वह युद्ध देखने में बड़ा सुन्दर प्रतीत हुआ; फिर उन्मत्तों के समान भयंकर युद्ध होने लगा। उस समय किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था।
Maharaj! For a few moments that battle seemed very beautiful to watch; then a fierce battle ensued like a madman. At that time no one could understand anything. 82.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥