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mahabharat 6.45.70: वह महाबली अर्जुनपुत्र इरावान रणभूमि में श्रुतायुष के घोड़ों को मारकर बड़े जोर से गर्जना करने लगा और उसकी सेना को बाणों से आच्छादित कर दिया ॥70॥   |   mahabharat अध्याय 6.45: उभय पक्षके सैनिकोंका द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 45: उभय पक्षके सैनिकोंका द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  6.45.70 
आर्जुनिस्तस्य समरे हयान् हत्वा महारथ:।
ननाद बलवन्नादं तत् सैन्यं प्रत्यपूरयत्॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
वह महाबली अर्जुनपुत्र इरावान रणभूमि में श्रुतायुष के घोड़ों को मारकर बड़े जोर से गर्जना करने लगा और उसकी सेना को बाणों से आच्छादित कर दिया ॥70॥
 
That great son of Arjun, Iravana, roared loudly after killing the horses of Shrutaayush in the battlefield and covered his army with arrows. 70॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)