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mahabharat 6.45.51: फिर जैसे बादल उगते हुए सूर्य को ढक लेता है, उसी प्रकार भगदत्त ने युद्धभूमि में बाणों की वर्षा से पृथ्वी के स्वामी विराट को ढक दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.45: उभय पक्षके सैनिकोंका द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 45: उभय पक्षके सैनिकोंका द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  6.45.51 
भगदत्तस्ततस्तूर्णं विराटं पृथिवीपतिम्।
छादयामास समरे मेघ: सूर्यमिवोदितम्॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
फिर जैसे बादल उगते हुए सूर्य को ढक लेता है, उसी प्रकार भगदत्त ने युद्धभूमि में बाणों की वर्षा से पृथ्वी के स्वामी विराट को ढक दिया।
 
Then, just as a cloud covers the rising Sun, similarly Bhagadatta covered the Lord of the Earth, Virata, with a shower of arrows on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)