Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.45.46-48: राजन! महाबली शिखण्डी ने युद्धस्थल में द्रोणपुत्र अश्वत्थामा पर आक्रमण किया। तब अश्वत्थामा ने क्रोधित होकर अपने निकट आये शिखण्डी को तीक्ष्ण तलवार से घोर घायल करके उसे कंपा दिया। महाराज! तत्पश्चात शिखण्डी ने भी पीतवर्णी तीक्ष्ण तलवार से द्रोणपुत्र अश्वत्थामा को अत्यन्त घायल कर दिया; तत्पश्चात वे दोनों नाना प्रकार के बाणों द्वारा एक दूसरे पर आक्रमण करने लगे। 46-48॥ | mahabharat अध्याय 6.45: उभय पक्षके सैनिकोंका द्वन्द्व-युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! महाबली शिखण्डी ने युद्धस्थल में द्रोणपुत्र अश्वत्थामा पर आक्रमण किया। तब अश्वत्थामा ने क्रोधित होकर अपने निकट आये शिखण्डी को तीक्ष्ण तलवार से घोर घायल करके उसे कंपा दिया। महाराज! तत्पश्चात शिखण्डी ने भी पीतवर्णी तीक्ष्ण तलवार से द्रोणपुत्र अश्वत्थामा को अत्यन्त घायल कर दिया; तत्पश्चात वे दोनों नाना प्रकार के बाणों द्वारा एक दूसरे पर आक्रमण करने लगे। 46-48॥
Rajan! The mighty Shikhandi attacked Drona's son Ashwatthama in the battlefield. Then Ashwatthama became angry and with a sharp sword he severely injured Shikhandi, who had come near him, and made him tremble. Maharaj! Then Shikhandi also deeply hurt Drona's son Ashwatthama with the yellow colored sharp blade; Thereafter both of them started attacking each other with various types of arrows. 46-48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥