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mahabharat 6.45.20-21h: भरत! वे दोनों महाबुद्धिमान, अस्त्रविद्या में निपुण और विचित्र प्रकार से युद्ध करने वाले थे। उन्हें देखकर समस्त प्राणी अत्यन्त आश्चर्यचकित हो गए।   |   mahabharat अध्याय 6.45: उभय पक्षके सैनिकोंका द्वन्द्व-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 45: उभय पक्षके सैनिकोंका द्वन्द्व-युद्ध  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  6.45.20-21h 
तौ वीक्ष्य तु महात्मानौ कृतिनौ चित्रयोधिनौ॥ २०॥
विस्मय: सर्वभूतानां समपद्यत भारत।
 
 
अनुवाद
भरत! वे दोनों महाबुद्धिमान, अस्त्रविद्या में निपुण और विचित्र प्रकार से युद्ध करने वाले थे। उन्हें देखकर समस्त प्राणी अत्यन्त आश्चर्यचकित हो गए।
 
Bhaarat! Both of them were great minded, experts in the art of weapons and fought in a strange manner. Seeing them, all beings were very surprised.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)