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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 44: कौरव-पाण्डवोंके प्रथम दिनके युद्धका आरम्भ  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  6.44.30 
तस्मिंस्तु तुमुले युद्धे वर्तमाने महाभये।
अतिसर्वाण्यनीकानि पिता तेऽभिव्यरोचत॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
जब वह अत्यन्त भयंकर एवं भयंकर युद्ध चल रहा था, तब आपके चाचा भीष्म समस्त सेनाओं के ऊपर उठकर अपने तेज से चमक रहे थे।
 
When that extremely terrible and furious battle was raging, your uncle Bhishma rose above all those armies and was shining with his brilliance.
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि युद्धारम्भे चतुश्चत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें युद्धका आरम्भविषयक चौवालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४४॥

[दाक्षिणात्य अधिक पाठका १/२ श्लोक मिलाकर कुल ३० १/२ श्लोक हैं।]
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)