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mahabharat 6.44.18-19: तत्पश्चात् द्रौपदी के पाँचों पुत्र, महारथी अभिमन्यु, नकुल, सहदेव और द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न - ये सभी योद्धा अत्यन्त वेगवान तथा वज्र के समान वेगवान तीखे बाणों द्वारा पर्वत शिखरों के समान धृतराष्ट्र के पुत्रों पर टूट पड़े ॥18-19॥   |   mahabharat अध्याय 6.44: कौरव-पाण्डवोंके प्रथम दिनके युद्धका आरम्भ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 44: कौरव-पाण्डवोंके प्रथम दिनके युद्धका आरम्भ  »  श्लोक 18-19
 
 
श्लोक  6.44.18-19 
अथ ते द्रौपदीपुत्रा: सौभद्रश्च महारथ:।
नकुल: सहदेवश्च धृष्टद्युम्नश्च पार्षत:॥ १८॥
धार्तराष्ट्रान् प्रतिययुरर्दयन्त: शितै: शरै:।
वज्रैरिव महावेगै: शिखराणि धराभृताम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् द्रौपदी के पाँचों पुत्र, महारथी अभिमन्यु, नकुल, सहदेव और द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न - ये सभी योद्धा अत्यन्त वेगवान तथा वज्र के समान वेगवान तीखे बाणों द्वारा पर्वत शिखरों के समान धृतराष्ट्र के पुत्रों पर टूट पड़े ॥18-19॥
 
Thereafter, the five sons of Draupadi, the mighty charioteer Abhimanyu, Nakula, Sahadeva and Drupada's son Dhrishtadyumna - all these warriors came upon Dhritarashtra's sons like mountain peaks with sharp arrows of great speed and speed like thunderbolts. 18-19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)