Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.44.14: महाधनुर्धर भीमसेन को आते देख दुर्योधन के भाइयों (तथा अन्य वीरों) ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और बाणों की वर्षा से उन्हें ढक दिया, जैसे बादल सूर्य को ढक लेते हैं।   |   mahabharat अध्याय 6.44: कौरव-पाण्डवोंके प्रथम दिनके युद्धका आरम्भ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 44: कौरव-पाण्डवोंके प्रथम दिनके युद्धका आरम्भ  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  6.44.14 
तमायान्तं महेष्वासं सोदर्या: पर्यवारयन्।
छादयन्त: शरव्रातैर्मेघा इव दिवाकरम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
महाधनुर्धर भीमसेन को आते देख दुर्योधन के भाइयों (तथा अन्य वीरों) ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और बाणों की वर्षा से उन्हें ढक दिया, जैसे बादल सूर्य को ढक लेते हैं।
 
Seeing the great archer Bhimasena approaching, Duryodhana's brothers (and other heroes) surrounded him from all sides, covering him with a shower of arrows, just as clouds cover the sun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)