Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.43.99: हे पराक्रमी राजकुमार! हम आपको स्वीकार करते हैं। आप भी हमें स्वीकार करें। अत्यंत क्रोधी और दुष्ट बुद्धि वाला दुर्योधन अब इस संसार में जीवित नहीं रहेगा।   |   mahabharat अध्याय 6.43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  6.43.99 
भजस्वास्मान् राजपुत्र भजमानान् महाद्युते।
न भविष्यति दुर्बुद्धिर्धार्तराष्ट्रोऽत्यमर्षण:॥ ९९॥
 
 
अनुवाद
हे पराक्रमी राजकुमार! हम आपको स्वीकार करते हैं। आप भी हमें स्वीकार करें। अत्यंत क्रोधी और दुष्ट बुद्धि वाला दुर्योधन अब इस संसार में जीवित नहीं रहेगा।
 
O mighty prince! We accept you. You too accept us. The extremely short-tempered and evil-minded Duryodhan will no longer be alive in this world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)