श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  6.43.93 
संजय उवाच
तच्छ्रुत्वा वचनं कृष्ण: संन्यवर्तत भारत।
युधिष्ठिरपुरोगैश्च पाण्डवै: सह संगत:॥ ९३॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे भारत! कर्ण की यह बात सुनकर श्रीकृष्ण वापस आकर युधिष्ठिर आदि पाण्डवों के पास आ गये।
 
Sanjaya says - O Bharata! On hearing this from Karna, Shri Krishna came back and joined Yudhishthira and other Pandavas.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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