श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  6.43.91 
हते तु भीष्मे राधेय पुनरेष्यसि संयुगम्।
धार्तराष्ट्रस्य साहाय्यं यदि पश्यसि चेत् समम्॥ ९१॥
 
 
अनुवाद
राधेय! भीष्म के मारे जाने के बाद यदि तुम उचित समझो तो युद्ध में दुर्योधन की सहायता करने के लिए पुनः आ जाना ॥91॥
 
Radheya! After Bhishma is killed, if you deem it fit then come back to help Duryodhan in the war.' ॥ 91॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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