Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.43.90: कर्ण! मैंने सुना है कि तुम भीष्म से द्वेष रखते हो, इसलिए युद्ध नहीं करोगे। हे राधापुत्र! ऐसी स्थिति में, जब तक भीष्म का वध न हो जाए, तब तक हमारा पक्ष लो।॥90॥   |   mahabharat अध्याय 6.43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  6.43.90 
श्रुतं मे कर्ण भीष्मस्य द्वेषात् किल न योत्स्यसे।
अस्मान् वरय राधेय यावद् भीष्मो न हन्यते॥ ९०॥
 
 
अनुवाद
कर्ण! मैंने सुना है कि तुम भीष्म से द्वेष रखते हो, इसलिए युद्ध नहीं करोगे। हे राधापुत्र! ऐसी स्थिति में, जब तक भीष्म का वध न हो जाए, तब तक हमारा पक्ष लो।॥90॥
 
Karna! I have heard that you will not fight because you hate Bhishma. O son of Radha! In such a situation, take our side until Bhishma is killed.॥90॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)