श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  6.43.89 
वासुदेवस्तु राधेयमाहवेऽभिजगाम वै।
तत एनमुवाचेदं पाण्डवार्थे गदाग्रज:॥ ८९॥
 
 
अनुवाद
इस समय भगवान श्रीकृष्ण उस युद्ध में राधानन्दन कर्ण के पास गये। वहाँ जाकर गदाधारी कर्ण ने पाण्डवों के कल्याण के लिए उससे इस प्रकार कहा -॥89॥
 
At this time Lord Shri Krishna went to Radhanandan Karna in that war. Going there, that mace wielder said to him thus for the welfare of the Pandavas -॥ 89॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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