vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना
»
श्लोक 79
श्लोक
6.43.79
शल्य उवाच
यदि मां नाभिगच्छेथा युद्धाय कृतनिश्चय:।
शपेयं त्वां महाराज पराभावाय वै रणे॥ ७९॥
अनुवाद
शल्य बोले - महाराज! यदि आप युद्ध करने का निश्चय करके मेरे पास न आते तो मैं आपको युद्ध में पराजय का श्राप दे देता।
Shalya said - Maharaj! If you had not come to me after deciding to fight, I would have cursed you for your defeat in the war.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd