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mahabharat 6.43.77: महाबली शल्य को प्रणाम करके और उनकी परिक्रमा करके राजा युधिष्ठिर ने उनसे उनका कुशल-क्षेम पूछा- 77॥   |   mahabharat अध्याय 6.43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 77
 
 
श्लोक  6.43.77 
स शल्यमभिवाद्याथ कृत्वा चाभिप्रदक्षिणम्।
उवाच राजा दुर्धर्षमात्मनि:श्रेयसं वच:॥ ७७॥
 
 
अनुवाद
महाबली शल्य को प्रणाम करके और उनकी परिक्रमा करके राजा युधिष्ठिर ने उनसे उनका कुशल-क्षेम पूछा- 77॥
 
After paying respects to the mighty brave Shalya and circling him, King Yudhishthir spoke to him about his welfare - 77॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)