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युधिष्ठिर उवाच
हन्त पृच्छामि ते तस्मादाचार्य शृणु मे वच:।
इत्युक्त्वा व्यथितो राजा नोवाच गतचेतन:॥ ७३॥
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले - आचार्य ! इसीलिए तो मैं अब आपसे पूछ रहा हूँ। कृपया मेरी बात सुनिए। ऐसा कहकर राजा युधिष्ठिर व्याकुल और अचेत हो गए और उनसे कुछ भी न कह सके।
Yudhishthira said - Acharya! That is why I am asking you now. Please listen to me. After saying this, King Yudhishthira became distressed and unconscious and could not say anything to him. 73.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥