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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  6.43.73 
युधिष्ठिर उवाच
हन्त पृच्छामि ते तस्मादाचार्य शृणु मे वच:।
इत्युक्त्वा व्यथितो राजा नोवाच गतचेतन:॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले - आचार्य ! इसीलिए तो मैं अब आपसे पूछ रहा हूँ। कृपया मेरी बात सुनिए। ऐसा कहकर राजा युधिष्ठिर व्याकुल और अचेत हो गए और उनसे कुछ भी न कह सके।
 
Yudhishthira said - Acharya! That is why I am asking you now. Please listen to me. After saying this, King Yudhishthira became distressed and unconscious and could not say anything to him. 73.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)