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श्लोक  6.43.67 
संजय उवाच
एतच्छ्रुत्वा महाराज भारद्वाजस्य धीमत:।
अनुमान्य तमाचार्यं प्रायाच्छारद्वतं प्रति॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - महाराज! अत्यंत बुद्धिमान द्रोणाचार्य के ये वचन सुनकर राजा युधिष्ठिर उन्हें आदरपूर्वक कृपाचार्य के पास गए।
 
Sanjaya says - Maharaj! After listening to these words of the extremely intelligent Dronacharya, King Yudhishthira went to Krupacharya with respect to him. 67.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)