श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  6.43.66 
शस्त्रं चाहं रणे जह्यां श्रुत्वा तु महदप्रियम्।
श्रद्धेयवाक्यात् पुरुषादेतत् सत्यं ब्रवीमि ते॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
यदि मैं युद्धभूमि में किसी विश्वसनीय व्यक्ति से कोई अत्यन्त अप्रिय समाचार सुनूँ, तो मैं अपने हथियार डाल दूँगा। मैं तुमसे सत्य कहता हूँ। 66.
 
If I hear some very unpleasant news from a trustworthy person on the battlefield, I will lay down my weapons. I am telling you the truth. 66.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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