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mahabharat 6.43.59: द्रोणाचार्य बोले - राजन ! आपकी विजय निश्चित है; क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण आपके मंत्री हैं। मेरी आज्ञा है, आप युद्ध में शत्रुओं को प्राणों से मुक्त कर देंगे ॥59॥   |   mahabharat अध्याय 6.43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  6.43.59 
द्रोण उवाच
ध्रुवस्ते विजयो राजन् यस्य मन्त्री हरिस्तव।
अहं त्वामभिजानामि रणे शत्रून् विमोक्ष्यसे॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य बोले - राजन ! आपकी विजय निश्चित है; क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण आपके मंत्री हैं। मेरी आज्ञा है, आप युद्ध में शत्रुओं को प्राणों से मुक्त कर देंगे ॥59॥
 
Dronacharya said – King! Your victory is certain; Because Lord Krishna is your minister. I command you, you will free the enemies from their lives in the war. 59॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)