Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.43.57: इसलिए आज मैं नपुंसक की भाँति तुमसे पूछता हूँ कि युद्ध के अतिरिक्त तुम और क्या चाहते हो? मैं दुर्योधन के लिए युद्ध करूँगा; परन्तु तुम्हारी विजय चाहता हूँ ॥57॥ | mahabharat अध्याय 6.43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसलिए आज मैं नपुंसक की भाँति तुमसे पूछता हूँ कि युद्ध के अतिरिक्त तुम और क्या चाहते हो? मैं दुर्योधन के लिए युद्ध करूँगा; परन्तु तुम्हारी विजय चाहता हूँ ॥57॥
That is why today I ask you like an impotent man, what do you want other than war? I will fight for Duryodhana; but I want victory for you. ॥ 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥