श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.43.19 
सहदेव उवाच
अस्मिन् रणसमूहे वै वर्तमाने महाभये।
उत्सृज्य क्व नु गन्तासि शत्रूनभिमुखो नृप॥ १९॥
 
 
अनुवाद
सहदेव ने पूछा, 'हे राजन! इस युद्धस्थल में जहाँ शत्रु सेना एकत्रित है और महान भय व्याप्त है, आप हमें छोड़कर शत्रुओं की ओर कहाँ जाएँगे?'
 
Sahadeva asked, 'O Lord of kings! In this battle-field where the enemy army is gathered and great fear is present, where will you go towards the enemies, leaving us?'
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd