श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.43.18 
नकुल उवाच
एवं गते त्वयि ज्येष्ठे मम भ्रातरि भारत।
भीर्मे दुनोति हृदयं ब्रूहि गन्ता भवान् क्व नु॥ १८॥
 
 
अनुवाद
नकुल ने पूछा- भरत! तुम मेरे बड़े भाई हो। मुझे बड़ा भय है कि तुम शत्रु सेना की ओर चले गए हो। बताओ, तुम कहाँ जा रहे हो?॥18॥
 
Nakula asked- Bharata! You are my elder brother. I am very afraid that you have gone towards the enemy army. Tell me where are you going?॥18॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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