श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 43: गीताका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरका भीष्म, द्रोण, कृप और शल्यसे अनुमति लेकर युद्धके लिये तैयार होना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.43.16 
अर्जुन उवाच
किं ते व्यवसितं राजन् यदस्मानपहाय वै।
पद्भॺामेव प्रयातोऽसि प्राङ्मुखो रिपुवाहिनीम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने पूछा, "हे राजन! आपने क्या निर्णय लिया है कि आप हमें छोड़कर पैदल ही शत्रु सेना की ओर जा रहे हैं?"
 
Arjuna asked, "O King, what have you decided that you have left us and are heading towards the enemy's army on foot?"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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