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श्लोक  6.42.64 
सर्वगुह्यतमं भूय: श‍ृणु मे परमं वच: ।
इष्टोऽसि मे दृढमिति ततो वक्ष्यामि ते हितम् ॥ ६४ ॥
 
 
अनुवाद
चूँकि तुम मेरे परम मित्र हो, इसलिए मैं तुम्हें अपनी परम आज्ञा सुना रहा हूँ, जो परम गोपनीय ज्ञान है। अपने हित के लिए इसे सुनो।
 
Since you are my dearest friend, I am telling you my supreme command, which is the most secret knowledge. Listen to it for your own benefit.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)