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mahabharat 6.41.23: सृष्टि के आरंभ से ही, ॐ तत् सत् इन तीन शब्दों का प्रयोग परम सत्ता को दर्शाने के लिए किया जाता रहा है। इन तीन प्रतीकात्मक अभिव्यक्तियों का प्रयोग ब्राह्मण वैदिक मंत्रों का पाठ करते समय और ब्रह्मा को प्रसन्न करने के लिए यज्ञों के दौरान करते थे।   |   mahabharat अध्याय 6.41: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 17: श्रद्धा के विभाग   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 41: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 17: श्रद्धा के विभाग  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.41.23 
ॐ तत्सदिति निर्देशो ब्रह्मणस्त्रिविध: स्मृत: ।
ब्राह्मणास्तेन वेदाश्च यज्ञाश्च विहिता: पुरा ॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
सृष्टि के आरंभ से ही, ॐ तत् सत् इन तीन शब्दों का प्रयोग परम सत्ता को दर्शाने के लिए किया जाता रहा है। इन तीन प्रतीकात्मक अभिव्यक्तियों का प्रयोग ब्राह्मण वैदिक मंत्रों का पाठ करते समय और ब्रह्मा को प्रसन्न करने के लिए यज्ञों के दौरान करते थे।
 
Since the beginning of creation, these three words Om Tat Sat have been used to indicate the Supreme Being. These three symbolic expressions were used by Brahmins while reciting Vedic mantras and during yagnas to please Brahma.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)