Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.40.1-3: भगवान बोले - हे भारतपुत्र! निर्भयता, आत्मशुद्धि, आध्यात्मिक ज्ञान की खोज, दान, संयम, त्याग, वेदों का अध्ययन, तप, सरलता, अहिंसा, सत्य, क्रोध का अभाव, त्याग, शांति, खुदाई में अरुचि, सभी जीवों पर दया, लोभ का अभाव, नम्रता, लज्जा, निश्चय, तेज, क्षमा, धैर्य, पवित्रता, ईर्ष्या और मान-सम्मान की इच्छा से मुक्ति - ये सभी दिव्य गुण हैं, जो दैवीय स्वभाव के अंग हैं। ये गुण देवतुल्य पुरुषों में पाए जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 6.40: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 16: दैवी तथा आसुरी स्वभाव   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 40: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 16: दैवी तथा आसुरी स्वभाव  »  श्लोक 1-3
 
 
श्लोक  6.40.1-3 
श्रीभगवानुवाच
अभयं सत्त्वसंश‍ुद्धिर्ज्ञानयोगव्यवस्थिति: ।
दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम् ॥ १ ॥
अहिंसा सत्यमक्रोधस्त्याग: शान्तिरपैश‍ुनम् ।
दया भूतेष्वलोलुप्‍त्वं मार्दवं ह्रीरचापलम् ॥ २ ॥
तेज: क्षमा धृति: शौचमद्रोहो नातिमानिता ।
भवन्ति सम्पदं दैवीमभिजातस्य भारत ॥ ३ ॥
 
 
अनुवाद
भगवान बोले - हे भारतपुत्र! निर्भयता, आत्मशुद्धि, आध्यात्मिक ज्ञान की खोज, दान, संयम, त्याग, वेदों का अध्ययन, तप, सरलता, अहिंसा, सत्य, क्रोध का अभाव, त्याग, शांति, खुदाई में अरुचि, सभी जीवों पर दया, लोभ का अभाव, नम्रता, लज्जा, निश्चय, तेज, क्षमा, धैर्य, पवित्रता, ईर्ष्या और मान-सम्मान की इच्छा से मुक्ति - ये सभी दिव्य गुण हैं, जो दैवीय स्वभाव के अंग हैं। ये गुण देवतुल्य पुरुषों में पाए जाते हैं।
 
God said – O son of Bharat! Fearlessness, self-purification, pursuit of spiritual knowledge, charity, self-control, devotion to sacrifice, study of the Vedas, austerity, simplicity, non-violence, truthfulness, absence of anger, renunciation, peace, disinterest in digging, compassion for all living beings, lack of greed, gentleness, shyness, determination, sharpness, forgiveness, patience, purity, jealousy and freedom from desire for honor - all these are divine qualities, which are part of the divine nature. They are found in godlike men endowed with.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)