| श्री महाभारत » पर्व 6: भीष्म पर्व » अध्याय 4: धृतराष्ट्रके पूछनेपर संजयके द्वारा भूमिके महत्त्वका वर्णन » श्लोक 17-18h |
|
| | | | श्लोक 6.4.17-18h  | अरण्यवासिन: सप्त सप्तैषां ग्रामवासिन:।
सिंहा व्याघ्रा वराहाश्च महिषा वारणास्तथा॥ १७॥
ऋक्षाश्च वानराश्चैव सप्तारण्या: स्मृता नृप। | | | | | | अनुवाद | | हे मनुष्यों के स्वामी! उपर्युक्त चौदह प्रकार के जीवजंतुओं में से सात वनवासी और सात ही ग्रामवासी हैं। सिंह, व्याघ्र, सूअर, भैंसा, हाथी, भालू और बंदर - ये सात वनवासी माने गए हैं।॥17 1/2॥ | | | | O Lord of men! Of the above fourteen types of viviparous animals, seven are forest dwellers and seven are village dwellers. Lion, tiger, boar, buffalo, elephant, bear and monkey - these seven are considered forest dwellers.॥ 17 1/2॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|