Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.4.15: ये स्थावर और जंगम रूप में उन्नीस जीव हैं। इनके साथ पंचमहाभूतों की गणना करें तो इनकी संख्या चौबीस हो जाती है। गायत्री में भी चौबीस अक्षर हैं। अतः लोकमतानुसार इन चौबीस तत्वों को भी गायत्री कहा गया है॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 6.4: धृतराष्ट्रके पूछनेपर संजयके द्वारा भूमिके महत्त्वका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये स्थावर और जंगम रूप में उन्नीस जीव हैं। इनके साथ पंचमहाभूतों की गणना करें तो इनकी संख्या चौबीस हो जाती है। गायत्री में भी चौबीस अक्षर हैं। अतः लोकमतानुसार इन चौबीस तत्वों को भी गायत्री कहा गया है॥ 15॥
These are nineteen living beings in the form of stationary and mobile. If we count the five Mahabhutas with them, their number becomes twenty four. Gayatri also has twenty four letters. Hence these twenty four elements are also called Gayatri according to the people.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥